ये बिल-यक़ीं हुसैन है नबी का नूर-ए-ऐन है / Ye Bil Yaqeen Hussain Hai Nabi Ka Noor-e-Ain Hai
लिबास है फटा हुआ, ग़ुबार में अटा हुआ तमाम जिस्म-ए-नाज़नीं छिदा हुवा, कटा हुआ ये कौन ज़ी-वक़ार है ! बला का शह-सवार है ! कि है हज़ारों क़ातिलों के सामने डटा हुआ ये बिल-यक़ीं हुसैन है, नबी का नूर-ए-'ऐन है हुसैन ही हुसैन है, नबी का नूर-ए-'ऐन है ये कौन हक़-परस्त है, मय-ए-रज़ा-ए-मस्त है कि जिस के सामने कोई बुलंद है न पस्त है उधर हज़ार घात है, मगर 'अजीब बात है कि एक से हज़ार-हा का हौसला शिकस्त है ये बिल-यक़ीं हुसैन है, नबी का नूर-ए-'ऐन है हुसैन ही हुसैन है, नबी का नूर-ए-'ऐन है दिलावरी में फ़र्द है, बड़ा ही शेर-मर्द है कि जिस के दबदबे से रंग दुश्मनों का ज़र्द है हबीब-ए-मुस्तफ़ा है ये, मुजाहिद-ए-ख़ुदा है ये जभी तो इस के सामने ये फ़ौज गर्द-बर्द है ये बिल-यक़ीं हुसैन है, नबी का नूर-ए-'ऐन है हुसैन ही हुसैन है, नबी का नूर-ए-'ऐन है उधर सिपाह-ए-शाम है, हज़ार इंतिज़ाम है उधर हैं दुश्मनान-ए-दीं, इधर फ़क़त इमाम है मगर 'अजीब शान है, ग़ज़ब की आन-बान है कि जिस तरफ़ उठी है तेग़ बस ख़ुदा का नाम है ये बिल-यक़ीं हुसैन है, नबी का नूर-ए-'ऐन है हुसैन ही हुसैन है, नबी का नूर-ए-'ऐ...